life insurance kya hota hai in hindi - Life insurance क्या हैं ?

life insurance kya hota hai in hindi - Life insurance क्या हैं ?
दोस्तों आज के इस आर्टिकल में आप लोगों को मैं लाइफ इंश्योरेंस संबंधित सभी कुछ जानकारी निम्नलिखित रूप सेबिल्कुल सही और सटीक  सरल भाषा में आप लोगों को जानकारी प्रदान करने वाला हूं यहां पर यह जानकारी मिलेगा की लाइफ इंश्योरेंस क्या है? लाइफ इंश्योरेंस किनको लेना चाहिए ? और ऐसी सवाल के जवाब लाइफ इंश्योरेंस सबंधित काफी जानकारी दिए गए हैं.

Life insurance Kya Hota Hai in Hindi - Life insurance क्या हैं ?  

  • Life Insurance के हिंदी में क्या कहते हैं - आपको बताना चाहूंगा लाइफ इंश्योरेंस का हिंदी में हम इसको कहते हैं जीवन बीमा।बेसिकली लाइफ इंश्योरेंस एक फाइनेंशियल प्रोटेक्शन प्रोडक्ट होता है। यहां पर मैं आपको बताना चाहूंगा कि जो लाइफ इंश्योरेंस है यह बेसिकली एक कॉन्ट्रैक्ट होता है। एक एग्रीमेंट होता है दो पार्टीज के बीच में।
1. Policy Holder :वो पर्सन जिसको हम पॉलिसी होल्डर कहते हैं जो कि अपना इंश्योरेंस करवा रहा होता है। एश्यर्ड पर्सन या पॉलिसी होल्डर

2. Insurance Company :वो कंपनी जो लाइफ इंश्योरेंस का जो बेनिफिट है वह देती है यानी कि इंश्योरेंस कंपनी। तो इन दोनों के बीच में एक एग्रीमेंट होता है, एक कॉन्ट्रैक्ट होता है। इस कॉन्ट्रैक्ट में जो पॉलिसी होल्डर होता है, जो इंश्योरेंस करवा रहा है व्यक्ति वो उस इंश्योरेंस कंपनी को यह प्रॉमिस करता है कि आने वाले एक फिक्स टाइम तक 10 साल, 20 साल, 30 साल प्लान के अकॉर्डिंग वो एक फिक्स टाइम तक एक रेगुलर अमाउंट पे करेगा उस कंपनी को प्रीमियम के तौर पर। चाहे वो 5,000 है, चाहे वो 10,000 है तो वो एक फिक्स अमाउंट एक रेगुलर टाइम तक पे करेगा इंश्योरेंस कंपनी को एक प्रीमियम के तौर पर और इसके बदले में जो इंश्योरेंस कंपनी है वो उस पॉलिसी होल्डर को प्रॉमिस करती है आफ्टर द डेथ यानी कि उसकी डेथ होने के बाद एक फिक्स अमाउंट एक गारंटेड अमाउंट उसके जो नॉमिनी है जो फैमिली मेंबर्स हैं उनको दिया जाएगा। उसके बिहाफ पर जो उसने एक प्रीमियम पे किया है। तो यहां पर एक कॉन्ट्रैक्ट है जिसमें जो पॉलिसी होल्डर है वह प्रीमियम पे करता है और जो इंश्योरेंस कंपनी है वो उसकी डेथ होने पर उसकी फैमिली को एक प्रोटेक्शन प्लान देती है जिसके तहत एक फिक्स अमाउंट वो पे करती है उस पर्सन की जो नॉमिनी है या उसकी जो फैमिली है उसको। तो इस तरीके से पूरा कॉन्ट्रैक्ट होता है। 


अब यहां पर यह जो प्रीमियम पे करना होता है इसका कितना अमाउंट होगा या जो कंपनी पे करती है डेथ के बाद में इंश्योरेंस में वो कितना होगा। तो ये डिपेंड करेगा अलग-अलग प्लांस के अकॉर्डिंग कि आपने कौन सा प्लान लिया है। किस कंपनी का इंश्योरेंस लिया है। वो 10 लाख भी हो सकता है। वो 20 लाख भी हो सकता है। प्रीमियम की बात करें तो वो सालाना 10,000 भी हो सकता है। 500 भी हो सकता है। तो ये डिपेंड करेगा आपके कौन सा प्लान आपने सेलेक्ट किया है। 


Life Insurance से जुड़े कुछ इंपॉर्टेंट टर्म्स होते हैं।

  1. पहला टर्म होता है सम एश्यर्ड।

बेसिकली यह वो अमाउंट होता है जो कि कंपनी गारंटेड पे करती है एक डेथ के बाद जबकि जो इंश्योरेंस वाला पर्सन है उसकी डेथ हो जाती है और जो इंश्योरेंस कंपनी अमाउंट पे करती है उसको हम सम एश्यर्ड कहते हैं।


  1. दूसरा टर्म होता है प्रीमियम।

प्रीमियम वो अमाउंट होता है जो कि किस्तों के तौर पर जो महीने की भी हो सकती हैं, 3 महीने, 6 महीने या साल की भी हो सकती हैं। एक फिक्स टाइम तक 10 साल, 20 साल तक जो इंश्योरेंस कराने वाला व्यक्ति है वो कंपनी को पे करता है एक फिक्स इंटरवल पर उसको हम प्रीमियम कहते हैं।


1. दूसरा टर्म होता है लाइफ एश्यर्ड। 

लाइफ एश्यर्ड का मतलब है वो पर्सन जिसके लिए वो इंश्योरेंस कराया गया है। यानी कि जो इंश्योरेंस ले रहा है, जिसके लिए वो कराया गया है, उसको हम लाइफ एश्यर्ड कहते हैं।


Policy Tenure

  • पॉलिसी टेन्योर का मतलब होता है वो टाइम जिस टाइम के लिए पॉलिसी को रखा गया है। इंश्योरेंस पॉलिसी को जैसे 10 साल के लिए हो सकता है, 30 साल के लिए हो सकता है या पूरी लाइफ के लिए भी यह हो सकता है। 


एक टर्म होता है इसमें नॉमिनी।

  • नॉमिनी यानी वह व्यक्ति जो कि पॉलिसी जब एंड होगी जहां पर अगर इंश्योरेंस कराने वाले व्यक्ति की डेथ हो जाती है तो जो बेनिफिट होता है इंश्योरेंस का वो उसके नॉमिनी को दिया जाता है। वो नॉमिनी उसकी वाइफ, उसके पेरेंट्स, कोई भी उसका फैमिली मेंबर हो सकता है। तो ये नॉमिनी होता है। 


राइडर्स क्या होते हैं?

  • बेसिकली एडिशनल बेनिफिट्स होते हैं किसी भी इंश्योरेंस पॉलिसी के अंदर जिसको हम लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी कहते हैं। इसमें जैसे - एक्सीडेंटल डेथ हो जाती है, एक्सीडेंट से डेथ हो जाती है। वहां पर क्लेम किया जा सकता है। इसमें कोई डिसेबिलिटी हो जाती है किसी के चलते। मान लीजिए एक्सीडेंट में डिसेबिलिटी होगई। वहां पर क्लेम किया जा सकता है। तो अलग-अलग वहां पर क्लॉज़ होते हैं जिसके तहत राइडर्स मिलते हैं। एक्स्ट्रा बेनिफिट्स मिलते हैं लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के अंदर।


Death बेनिफिट।

  • डेथ बेनिफिट का मतलब है कि जब पॉलिसी चल रही है उस समय अगर उस इंश्योरेंस कराने वाले व्यक्ति की डेथ हो जाती है तो वहां पर एक अमाउंट पे किया जाता है जिसको हम डेथ बेनिफिट कहते हैं।


Maturity Benefit।

  • इमेच्योरिटी  बेनिफिट में मान लीजिए जो पॉलिसी थी वो 30 साल की थी और 30 साल तक पॉलिसी खत्म हो गई। अब जब खत्म हो गई उस समय जो अमाउंट पे किया जाता है इंश्योरेंस कराने वाले व्यक्ति को उसको हम इमेच्योरिटी बेनिफिट कहते हैं। 


क्लेम सेटलमेंट प्रोसेस

  • वो होता है क्लेम सेटलमेंट प्रोसेस और क्लेम सेटलमेंट रेशियो। यहां पर क्या होता है कि जो इंश्योरेंस पॉलिसी है उसके जो टर्मर कंडीशंस है उनके अनुसार जो क्लेम करने का जो प्रोसेस होता है जिस तहत वो पैसा दिया जाएगा उसको हम क्लेम सेटलमेंट प्रोसेस कहते हैं। और क्लेम सेटलमेंट रेशियो का मतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में जितने लोगों ने इस लाइफ इंश्योरेंस को लिया है उनमें से कितने परसेंट लोगों को उनका जो सेटलमेंट है वो पूरी तरह मिल गया है। मान लीजिए 100 लोगों ने लिया पिछले एक साल में। उनमें से 90 लोगों ने सही से सेटलमेंट अपना ले लिया। तो 90% का क्लेम सेटलमेंट रेशियो हो गया। तो ये क्लेम सेटलमेंट रेशियो बताता है कि जो इंश्योरेंस कंपनी आप सेलेक्ट कर रहे हैं वो सेटलमेंट के टाइम पर किस तरीके से बिहेव करती है। 


Life insurance Policy किसको लेना चाहिए ?

  • अगर आप एक ऐसे व्यक्ति हैं जिसके ऊपर आपकी पूरी फैमिली डिपेंड है। मान लीजिए आपके पेरेंट्स हैं जिनके पास कोई अर्निंग सोर्स नहीं है। आपके बड़े भाई बहन हैं, छोटे भाड़े भाई बहन हैं जिनकी आपको शादी करनी है या उनको पढ़ाना है, एजुकेशन करानी है या आपने लोंस ले रखे हैं। होम लोन आपके ऊपर चल रहा है। आपके ऊपर लायबिलिटीज हैं। ऐसे में आपको लाइफ इंश्योरेंस जरूर लेना चाहिए। 


अगर आप एक सिंगल अर्नर हैं यानी कि अपनी पूरी फैमिली में सिर्फ आप अकेले कमाते हैं तो आपको यह लाइफ इंश्योरेंस जरूर लेना चाहिए। ऐसे लोगों को यह लाइफ इंश्योरेंस लेना चाहिए और जितना कम उम्र में आप लाइफ इंश्योरेंस लेते हैं उतना कम प्रीमियम आपको देना होता है और उतना ही अच्छा आपको कवरेज बेनिफिट वहां पर मिलता है। 


निष्कर्ष। 

मैं उम्मीद करूंगा कि आपको अच्छी तरह समझ आया होगा कि ये लाइफ इंश्योरेंस क्या होता है? कैसे ये काम करता है? इसके अंदर क्या-क्या टर्म्स होते हैं? और किन लोगों को ये लेना चाहिए? और अभी तक अपने इंश्योरेंस ले रखा है तो आप इंश्योरेंस आवश्यक अपने परिवार और अपने के लिए जरूर ले यदि आपको इंश्योरेंस संबंधित कोई भी सवाल है तो आप मुझे आवश्यक बता सकते हैं.


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